मेरी यात्रा

भारत की ज्ञान की यात्रा

मेरी यात्रा - भारत की ज्ञान की यात्रा

पंच केदार केदारनाथ
1. केदारनाथ (Kedarnath): ​पंच केदार में केदारनाथ सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिर है। यह मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यहाँ भगवान शिव के पृष्ठ भाग (पीठ) की पूजा की जाती है। भारी बर्फबारी के कारण यह मंदिर केवल अप्रैल से नवंबर के बीच दर्शनों के लिए खुलता है।
मदमहेश्वर या मद्याम्हेश्वर
​2. मदमहेश्वर या मद्याम्हेश्वर (Madmaheshwar): मदमहेश्वर या मद्याम्हेश्वर मंदिर चौखम्बा शिखर की तलहटी में स्थित है। यह दूसरा केदार है, जहाँ भगवान शिव के मध्य भाग (नाभि) की पूजा की जाती है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देता है। मंदिर की वास्तुकला उत्तर-भारतीय शैली की है।
तुंगनाथ
​3. तुंगनाथ (Tungnath): ​तुंगनाथ विश्व का सबसे ऊँचा शिव मंदिर है। यह पंच केदार का तीसरा मंदिर है और यहाँ शिव की बाहु (भुजाओं) की पूजा होती है। चन्द्रशिला शिखर के नीचे स्थित यह मंदिर अपनी कठिन लेकिन अत्यंत सुंदर पदयात्रा (ट्रेक) के लिए जाना जाता है, जहाँ से हिमालय की बर्फीली चोटियों का अद्भुत दृश्य दिखता है।
रुद्रनाथ
​4. रुद्रनाथ (Rudranath): ​रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव के मुख (चेहरे) की पूजा की जाती है। यह पंच केदार का सबसे दुर्गम मंदिर माना जाता है, जहाँ पहुँचने के लिए घने जंगलों और ऊँचे घास के मैदानों (बुग्यालों) से होकर गुजरना पड़ता है। यहाँ शिव को 'नीलकंठ महादेव' के रूप में पूजा जाता है।
कल्पेश्वर
​5. कल्पेश्वर (Kalpeshwar): ​पंच केदार के अंतिम मंदिर, कल्पेश्वर में भगवान शिव की जटाओं की पूजा होती है। यह पाँचों केदारों में इकलौता ऐसा मंदिर है जो साल भर दर्शन के लिए खुला रहता है। यह मंदिर उर्गम घाटी में स्थित है और यहाँ के शांत गुफा मंदिर में ऋषि दुर्वासा ने तपस्या की थी, ऐसा माना जाता है।