मेरी यात्रा - भारत की ज्ञान की यात्रा
गुजरात
धार्मिक स्थल
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (गुजरात):
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सोमनाथ मंदिर को बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। ऋग्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वयं चंद्रदेव (सोम) ने दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाने के लिए यहाँ भगवान शिव की तपस्या की थी। यह मंदिर भारतीय इतिहास के उत्थान और पतन का प्रतीक रहा है, जिसे कई बार खंडित किया गया और फिर से निर्मित किया गया।
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात):
गुजरात के द्वारका के पास स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को 'दारुकावन' के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव को नागों का देवता माना जाता है, इसलिए इनका नाम नागेश्वर पड़ा। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक यहाँ दर्शन करता है, उसे कभी भी विष या सर्प का भय नहीं सताता और वह आपदाओं से सुरक्षित रहता है।
द्वारका (पश्चिम):
गुजरात के तट पर स्थित द्वारका को भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि और उनकी राजधानी माना जाता है। गोमती नदी के संगम पर स्थित
द्वारकाधीश मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि मूल द्वारका नगरी समुद्र में विलीन हो गई थी। यह
धाम धर्म और इतिहास के अद्भुत संगम का प्रतीक है और भक्तों को द्वापर युग की याद दिलाता है।